Santoshi Mata Aarti

जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ।अपने सेवक जन की,सुख सम्पति दाता ॥सुन्दर चीर सुनहरी,मां धारण कीन्हो ।हीरा पन्ना दमके,तन श्रृंगार ल...

Continue reading

Shri Khatu Shyam Ji Aarti

ॐ जय श्री श्याम हरे , बाबा जय श्री श्याम हरे |खाटू धाम विराजत, अनुपम रुप धरे ॥ॐ जय श्री श्याम हरे....रत्न जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुल...

Continue reading

Ganesh Ji Aarti

जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥एक दंत दयावंत,चार भुजा धारी ।माथे सिंदूर सोहे,मूसे की सवारी ॥पान चढ़े फल ...

Continue reading

Shri Laxmi Ji Aarti

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी मातातुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाताॐ जय लक्ष्मी माता-2उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-मातासूर्य-...

Continue reading

Saraswati Mata Shlok

नमस्ते शारदे देवी, सरस्वती मतिप्रदे।वसत्वम् मम जिव्हाग्रे, सर्वविद्याप्रदाभव।।नमस्ते शारदे देवी, वीणापुस्तकधारिणी।विद्यारंभम् करिष्यामि...

Continue reading

Krishan Shlok

वासुदेव सुतं देवं कंस चाणूर मर्दनम्।देवकी परमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥अर्थ - वसुदेव पुत्र, कंस और चाणूर जैसे दैत्यों का वध करने व...

Continue reading

Pratah Kaal (Prabhat) Shlok

कराग्रे वसते लक्ष्मी:, करमध्ये सरस्वती ।कर मूले स्थितो ब्रह्मा:, प्रभाते करदर्शनम ॥अर्थ -हाथ के अग्र भाग में लक्ष्मी, मध्य सरस्वती और म...

Continue reading

Laxmi Mata Shlok

कराग्रे वसते लक्ष्मी:, करमध्ये सरस्वती ।कर मूले स्थितो ब्रह्मा:, प्रभाते करदर्शनम ॥अर्थ -हाथ के अग्र भाग में लक्ष्मी, मध्य सरस्वती और म...

Continue reading

Vishnu ji Shlok

शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं ।विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम् ॥लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं ।वन्दे विष्णु भवभयह...

Continue reading

Hanuman Ji Shlok

अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहंदनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।सकलगुणनिधानं वानराणामधीशंरघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि।।अर्थ: अतुलित बल के स...

Continue reading